
सुलगते लम्स की खुशबू हवा
में छोड़ गया,
वो जो हमसफर था, सफर में
छोड़ गया…

क्यों ना कुछ देर यहाँ बैठ के देखा जाए...



आपने मिला दिया है मुझको खाक में दिल जला के तो करते हो क्यूं इतनी बात दिल सता के
चिराग तुमने जलाया बुझाया भी तुमने गैर को अपना बना कर चल दिए मेरा ही दिल जला के
दिल पे सितम करके जख्मी कर दिया मुझ को अब दुसवार कर दिया जीना तुमने दिल बुझा के
सिलसिला छिड़ गया जब से तेरे फसाने का बेकरारी भी बढ़ी हद से जायदा तुझसे दिल लगा के
कुछ इसके सिवा ख्वाहिश जायदा हम कर भी नहीं सकते और न तुमसे दूर हो सकते हैं दिल चुरा के
हम तुमसे बिछड़ने का वादा भी नहीं कर सकते फिक्र ये कि अब जी नहीं सकते तुझसे दिल हटा के
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